यूपी: पूर्व उपमुखमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुके वरिष्ठ नेता डॉ दिनेश शर्मा ने राज्यसभा के उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल किया। आज नामांकन का अंतिम दिन भी है। दिनेश शर्मा लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर भी हैं। शर्मा दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के करीबियों में माने जाते रहे हैं। इस मौके पर मुखमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहे। दिनेश शर्मा ने आज राज्यसभा के उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक मौजूद रहे।
दरअसल भाजपा ने रविवार को यूपी के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को राज्य में राज्यसभा सीट के लिए उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार नामित किया था। भाजपा नेता हरिद्वार दूबे के निधन की वजह से राज्यसभा की सीट खाली हुई थी। इस सीट पर 15 सितंबर को चुनाव होना है। राज्यसभा का सदस्य बनने के बाद शर्मा का कार्यकाल नवंबर 2026 तक रहेगा। वह वर्तमान में उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के सदस्य हैं।
पार्टी का ब्राह्मण चेहरा बना सकती है बीजेपी
बीजेपी के सूत्रों की माने तो वरिष्ठ हरिद्वार दुबे पार्टी का ब्राह्मण चेहरा थे और उनकी जगह दिनेश शर्मा को लाकर पार्टी का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण वोट-बैंक को सुरक्षित करना है। यह भी अटकलें हैं कि अगर 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले मोदी कैबिनेट का विस्तार होता है तो शर्मा को मंत्री पद के लिए विचार किए जाने की संभावना है। दो बार लखनऊ के रहे मेयर वह इससे पहले दो बार लखनऊ के मेयर चुने जा चुके हैं। शर्मा ने पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद भी संभाला है और गुजरात राज्य के प्रभारी के रूप में भी काम किया है। जब वह पार्टी के सदस्यता प्रमुख के रूप में कार्यरत थे तब भाजपा को दुनिया में सबसे बड़ी सदस्यता वाला राजनीतिक दल घोषित किया गया था।
नामांकन का आज आखिरी दिन, 15 को उपचुनाव
राज्यसभा सीट के लिए उपचुनाव कराने के फैसले के बाद अब नामांकन प्रक्रिया चल रही है। नामांकन की अंतिम तिथि 5 सितंबर है और नामांकन 8 सितंबर तक वापस लिया जा सकता है। पूर्व सांसद हरद्वार दुबे के निधन से रिक्त हुई सीट के लिए उपचुनाव 15 सितंबर को होना है।
