मुरादाबाद। मुरादाबाद जनपद में थाना मझोला के प्रभारी निरीक्षक रामप्रसाद शर्मा को पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) मुनिराज जी के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने में लापरवाही और उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
शिकायतकर्ता ज्योति पुत्री रमेश सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्षीगण ओमकार आदि ने शादी तय होने के बाद दहेज की मांग की, नशीला पदार्थ पिलाकर बलात्कार किया और फिर शादी से इनकार कर दिया। इसके बावजूद, इंस्पेक्टर रामप्रसाद शर्मा ने मामले में एफआईआर दर्ज करने में कोताही बरती। इस मामले में पुलिस अधीक्षक (यातायात) द्वारा 18 जून को सौंपी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर रामप्रसाद शर्मा के खिलाफ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की (दण्ड एवं अपील) नियमावली-1991 के नियम 17(1)(क) के तहत कार्रवाई करते हुए निलंबन किया गया है। साथ ही, उनके खिलाफ विभागीय जांच/कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है।
इंस्पेक्टर रामप्रसाद शर्मा इससे पहले थाना सिविल लाइन, कांठ और मूंढापांडे में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
विभागीय जानकारी के अनुसार, निलंबन की अवधि में उन्हें वित्तीय नियम संग्रह के तहत अर्द्ध वेतन, महंगाई भत्ता (यदि पूर्व में मिल रहा था) मिलेगा। अन्य भत्ते भी तभी अनुमन्य होंगे जब वे विधिवत प्रमाणित होंगे। साथ ही, निलंबन अवधि में पुलिस लाइन मुरादाबाद में प्रतिसार निरीक्षक के अधीन रहना होगा और मुख्यालय छोड़ने के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक होगी। इसके अतिरिक्त, उन्हें यह भी प्रमाणित करना होगा कि वे किसी भी प्रकार के व्यवसाय या रोजगार में संलग्न नहीं हैं।
