कोटा में हुई छात्र की मौत के मामले में उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग, जानिए पूरा मामला

प्रशांत शर्मा/मुरादाबाद: पंजाबी समाज के छात्र की राजस्थान के कोटा में हुई मौत के बाद हॉस्टल प्रबंधन पर हत्या का आरोप लगाते हुए छात्र के परिजनों द्वारा दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य डॉ हरी सिंह ढिल्लों को एक प्रार्थना पत्र दिया गया। साथ ही पंजाबी समाज के छात्र की राजस्थान के कोटा में हुई मौत के मामले को लेकर प्रदेश के सभी जनपदों में पंजाबी समाज के द्वारा शुक्रवार को ज्ञापन दे कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की गई। 

मुरादाबाद जनपद में भी पंजाबी समाज के लोग जिला मुख्यालय पहुंचे और छात्र की मौत के मामले में एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को भेजकर दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। पंजाबी समाज द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि  जनपद रामपुर के कस्बा व थाना मिलक निवासी मनजोत छाबड़ा पुत्र हरजोत छाबड़ा राजस्थान के वसंती रीजेंसी (कोटा) में रहकर औद्योगिक क्षेत्र गली नं0-1, थाना विकासनगर कोटा (राजस्थान) स्थित एलन कोचिंग से मेडिकल की तैयारी कर रहा था। मनजोत छाबड़ा विलक्षण प्रतिभा से संपन्न एवं बहुत ही होनहार छात्र था। हॉस्टल प्रबंधन द्वारा दिनांक 03.08.2023 को हरजीत छावड़ा को अवगत कराया गया कि उनके पुत्र मनजोत छावड़ा ने आत्महत्या कर ली है। लेकिन निकट संबंधियों द्वारा वासंती रीजेंसी कोटा (राजस्थान) में पहुंचकर शव का अवलोकन किया गया, जिसमें बच्चे के दोनों हाथ पीछे बंधे हुए थे तथा मुंह पर पालीथीन बंधी हुई थी। प्रथम दृष्टया देखने से स्पष्ट होता है कि यह घटना आत्महत्या नहीं हो सकती है जबकि हॉस्टल मालिक द्वारा घटना को धारा 174 में दर्ज कराकर आत्महत्या दर्शाने की कोशिश की गयी। किन्तु वहां के संभ्रांत नागरिकों के पुलिस प्रशासन / पुलिस अधीक्षक कोटा से अनुरोध पर दिनांक 04.08.2023 को धारा 302 व 120 बी में अपराध दर्ज किया गया। मुकदमा दर्ज होने के उपरान्त कोचिंग संस्थान व हॉस्टल मालिक के प्रभाव से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो नहीं हो सकी है। पंजाबी समाज के द्वारा मांग की गई है कि घटना की निष्पक्ष जांच उच्च स्तर की एजेन्सी एस०आई०टी अथवा सी०बी०आई० से कराई जाए और दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

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